Bihar Jamin Mapi Maha Abhiyan 2026 : बिहार में जमीन मापी महा अभियान शुरू: कब से कब तक, पूरी जानकारी सुचना जारी

Bihar Jamin Mapi Maha Abhiyan 2026:- बिहार में जमीन से जुड़े विवाद, मापी में देरी और सरकारी दफ्तरों के चक्कर आम समस्या रहे हैं। कई बार जमीन मालिकों को वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है, फिर भी सही समय पर मापी और रिपोर्ट नहीं मिल पाती। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने जमीन मापी महा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है, जो राज्य के लाखों जमीन मालिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। यह अभियान न केवल समयबद्ध है, बल्कि पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन प्रक्रिया पर आधारित है।

इस महा अभियान के तहत जमीन मापी से जुड़े पुराने लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा और नए आवेदनों को भी तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। खास बात यह है कि अब जमीन मापी के लिए महीनों इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन ऑनलाइन होगा, सरकारी अमीन द्वारा मापी की जाएगी और रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाएगी, जो कानूनी रूप से भी मान्य होगी। इससे जमीन से जुड़े छोटे-मोटे विवाद, सीमा को लेकर होने वाले झगड़े और आपसी मतभेद काफी हद तक कम होंगे।

अगर आप बिहार के जमीन मालिक हैं, या आपके गांव-शहर में जमीन की मापी को लेकर कोई समस्या है, तो यह अभियान आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस लेख में आपको जमीन मापी महा अभियान से जुड़ी पूरी जानकारी सरल भाषा में मिलेगी जैसे आवेदन प्रक्रिया, समय-सीमा, शुल्क, विवादित और अविवादित जमीन की मापी, और सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देश। लेख को अंत तक पढ़कर आप यह समझ पाएंगे कि इस अभियान का लाभ कैसे उठाया जा सकता है और जमीन मापी की प्रक्रिया अब पहले से कितनी आसान हो गई है।

Bihar Jamin Mapi Maha Abhiyan 2026 : Overviews

Post Name Bihar Jamin Mapi Maha Abhiyan : बड़ी खबर: 26 जनवरी से होगा बिहार में जमीन महा अभियान शुरू – सुचना जारी
Post Type Bihar Sarkar New Abhiyan
Abhiyan Name?जमीन मापी महा अभियान
Abhiyan Date 26 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 
Department बिहार राजस्व व भूमि सुधार विभाग
Official Websitebiharbhumi.bihar.gov.in/Biharbhumi

Bihar Jamin Mapi Maha Abhiyan 2026 : जमीन मालिकों के लिए जरूरी सूचना

अगर आप बिहार में जमीन के मालिक हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा शुरू किया जा रहा जमीन मापी महा अभियान खास तौर पर उन जमीन मालिकों के लिए है, जिनकी जमीन की मापी लंबे समय से लंबित है या जिनकी जमीन को लेकर किसी प्रकार का विवाद बना हुआ है। अक्सर देखा जाता है कि खेत, प्लॉट या आवासीय जमीन की सही माप न होने के कारण पड़ोसियों के बीच विवाद उत्पन्न हो जाता है, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती है।

इस महा अभियान के तहत सरकार ने जमीन मापी की प्रक्रिया को आसान, समयबद्ध और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। अब जमीन मालिकों को बार-बार अंचल कार्यालय या अमीन के पास चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन ऑनलाइन किया जाएगा और तय समय-सीमा के भीतर सरकारी अमीन द्वारा जमीन की मापी पूरी की जाएगी। मापी के बाद जो रिपोर्ट दी जाएगी, वह लिखित रूप में होगी और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सकेगा।

यह अभियान उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जो आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा कराना चाहते हैं या अपनी जमीन की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करना चाहते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपकी जमीन से जुड़ी समस्या कानूनी रूप से सही और स्थायी तरीके से सुलझे, तो जमीन मापी महा अभियान का लाभ जरूर उठाएं।

Bihar Jamin Mapi Maha Abhiyan 2026 : कब से कब तक चलेगा मापी महा अभियान

बिहार में जमीन मापी महा अभियान 26 जनवरी से शुरू होकर 31 मार्च तक चलने वाला है। इस दौरान राज्य भर में जमीन मापी की प्रक्रिया को तेज़ी से और प्रभावी ढंग से पूरा किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य यह है कि जमीन मालिकों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े और उनके मापी से जुड़े कार्य निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाएं।

इस महा अभियान के तहत न केवल नए आवेदन लिए जाएंगे बल्कि पहले से लंबित चल रहे मापी आवेदन भी इसी अवधि में निपटाए जाएंगे। अविवादित जमीन की मापी को 7 दिनों के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि विवादित जमीन की मापी को 11 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही तय समय-सीमा के अंदर मापी रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी, जिससे जमीन मालिकों को सहज और पारदर्शी सेवा मिले।

इसलिए यदि आप बिहार में जमीन मालिक हैं या जमीन की मापी से जुड़ा कोई आवेदन करना चाहते हैं, तो यह सुनिश्चित कर लें कि आप 26 जनवरी से 31 मार्च के बीच इस महा अभियान का लाभ उठाएं। इस अवधि में आवेदन करने से आपकी मापी प्रक्रिया समयबद्ध और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी होगी।

Bihar Jamin Mapi Maha Abhiyan 2026 : मापी महा-अभियान के फायदे

बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया मापी महा-अभियान जमीन मालिकों के लिए कई महत्वपूर्ण फायदे लेकर आया है। इस अभियान का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब जमीन मापी के लिए लोगों को महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रक्रिया को पूरी तरह समयबद्ध बनाया गया है, जिससे तय समय-सीमा के भीतर मापी और रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी।

इस महा-अभियान के तहत आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे जमीन मालिकों को बार-बार अंचल कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी अमीन द्वारा की गई मापी की रिपोर्ट लिखित रूप में दी जाएगी और उसे ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी अपलोड किया जाएगा। इससे जमीन की माप को लेकर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदेह की संभावना कम हो जाती है।

मापी महा-अभियान का एक और बड़ा फायदा यह है कि जमीन से जुड़े छोटे-मोटे विवादों का समाधान आसानी से हो सकेगा। खेत या प्लॉट की सीमा को लेकर होने वाले झगड़े, आपसी बंटवारे से जुड़े विवाद और जमीन के रकबे को लेकर भ्रम जैसी समस्याएं इस प्रक्रिया से काफी हद तक खत्म हो जाएंगी। सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की गई मापी रिपोर्ट कोर्ट में भी मान्य होगी, जिससे कानूनी रूप से जमीन मालिकों को मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा, इस अभियान के माध्यम से पुराने लंबित मापी आवेदनों का भी निपटारा किया जाएगा। कुल मिलाकर मापी महा-अभियान जमीन मालिकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और लाभकारी पहल साबित होने वाला है।

Official WebsiteClick Here
Home PageApna Result HUB.com

निष्कर्ष

बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया जमीन मापी महा-अभियान जमीन मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण और उपयोगी पहल है। इस अभियान के माध्यम से जमीन मापी की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे वर्षों से चली आ रही मापी से जुड़ी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा। अब जमीन मालिकों को महीनों तक इंतजार करने या बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था, तय समय-सीमा में मापी, सरकारी अमीन द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट और उसका डिजिटल रिकॉर्ड—ये सभी सुविधाएं जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में मदद करेंगी। खासकर वे लोग जिनकी जमीन को लेकर सीमा विवाद, बंटवारे की समस्या या रकबे को लेकर भ्रम है, उनके लिए यह महा-अभियान बेहद फायदेमंद साबित होगा।

यदि आप बिहार में जमीन के मालिक हैं और अपनी जमीन की सही मापी करवाना चाहते हैं, तो इस महा-अभियान का लाभ अवश्य उठाएं। समय पर आवेदन करके आप न केवल अपनी जमीन से जुड़ी स्थिति को स्पष्ट कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले कानूनी और सामाजिक विवादों से भी बच सकते हैं। कुल मिलाकर, जमीन मापी महा-अभियान जमीन मालिकों के हित में उठाया गया एक सकारात्मक और सराहनीय कदम है।

FAQ: जमीन मापी महा-अभियान से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: जमीन मापी महा-अभियान क्या है?
उत्तर: जमीन मापी महा-अभियान बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया एक विशेष अभियान है, जिसके तहत जमीन की मापी को समयबद्ध, पारदर्शी और ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पूरा किया जाएगा। इसका उद्देश्य जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और लंबित मापी आवेदनों का निपटारा करना है।

प्रश्न 2: मापी महा-अभियान कब से कब तक चलेगा?
उत्तर: यह अभियान 26 जनवरी से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगा। इस अवधि में नए आवेदन भी लिए जाएंगे और पुराने लंबित आवेदनों की मापी भी पूरी की जाएगी।

प्रश्न 3: जमीन मापी के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर: जमीन मापी के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। आवेदन करते समय जमीन को विवादित या अविवादित के रूप में चिन्हित करना होगा। विवादित मामलों में विवाद की प्रकृति अंचल अधिकारी द्वारा तय की जाएगी।

प्रश्न 4: अविवादित और विवादित जमीन की मापी में कितना समय लगेगा?
उत्तर: अविवादित जमीन की मापी 7 दिनों के भीतर और विवादित जमीन की मापी 11 दिनों के भीतर पूरी करने का प्रावधान है। मापी के बाद रिपोर्ट भी तय समय में उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रश्न 5: जमीन मापी का शुल्क कितना है?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्र में जमीन मापी का शुल्क ₹500 प्रति खसरा है, जबकि शहरी क्षेत्र में ₹1000 प्रति खसरा लिया जाएगा। तत्काल मापी के लिए निर्धारित शुल्क का दुगना भुगतान करना होगा।

प्रश्न 6: क्या मापी रिपोर्ट कानूनी रूप से मान्य होगी?
उत्तर: हां, सरकारी अमीन द्वारा की गई मापी की रिपोर्ट लिखित रूप में दी जाएगी, ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज होगी और यह कोर्ट में भी मान्य होगी।

प्रश्न 7: किन लोगों को मापी महा-अभियान का लाभ लेना चाहिए?
उत्तर: जिन जमीन मालिकों की जमीन की मापी लंबित है, जिनकी जमीन को लेकर सीमा विवाद है, जो आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा कराना चाहते हैं या जो अपनी जमीन की सही स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं, उन्हें इस अभियान का लाभ जरूर लेना चाहिए।

प्रश्न 8: क्या मापी करवाना अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं, मापी करवाना अनिवार्य नहीं है। यह पूरी तरह जमीन मालिक की इच्छा पर निर्भर करता है। हालांकि, यदि कोई विवाद या भ्रम है, तो मापी करवाना लाभदायक रहेगा।

प्रश्न 9: मापी के बाद रिपोर्ट कहां मिलेगी?
उत्तर: मापी पूरी होने के बाद रिपोर्ट आपको लिखित रूप में दी जाएगी और साथ ही उसे सरकारी वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा।

प्रश्न 10: मापी महा-अभियान से क्या फायदा होगा?
उत्तर: इस अभियान से जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे, प्रक्रिया तेज होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और जमीन मालिकों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top